Friday, May 7, 2010

बस थोड़ी ही देर में ब्लॉग पर मालविका लाईव




परिकल्पना ब्लोगोत्सव-२०१० के सूत्रधार श्री रवींद्र प्रभात जी ने बताया है , कि " ....मात्र दस दिनों में १६२ पोस्ट .....१०० से अधिक रचनाकार ....५० से ज्यादा महिला चिट्ठाकारों की उपस्थिति....देश के प्रत्येक क्षेत्र के १७ शलाका पुरुषों/ महिलाओं से साक्षात्कार, लगभग १००० प्रतिक्रियाएं और मेल से प्राप्त ढेरों शुभकामनाएं इसकी सफलता की कहानी कह रही है ....साथ ही प्रत्येक दिन २०० के औसत से ट्रैफिक का आना भारत, अमेरिका, यूरोप, रूस, कनाडा, सिंगापुर, थाईलैंड आदि से .....है न एक बड़ी उपलब्धि हिंदी ब्लोगिंग के लिए ?"
यह भी बताया,कि- " ब्लोगोत्सव-२०१० के समस्त कार्यक्रमों को पुस्तक का रूप दिया जा रहा है लोकसंघर्ष पत्रिका के संपादक मु. शुएब के द्वारा और इस पर कार्यवाही प्रारंभ हो चुकी है .....!" यानी ब्लोगोत्सव को मिल गया आकाशीय विस्तार !


जहां इतनी बड़ी सामूहिक ख़ुशी हो वहां जश्न न मनाया जाए यह कैसे हो सकता ? आज खुशिओं के आदान-प्रदान हेतु ब्लॉग पर स्टेज शो होने जा रहा है यानी " मालविका लाईव " के जरिये..... देश की उद्दियमान शास्त्रीय गायिका मालविका जिसने सा रे गा मा के मंच से सूनू निगम के साथ परफोर्म करके धमाल मचा दिया था , जी हाँ वही मालविका जिन्होंने कत्थक गुरु बिरजू महाराज और उनके शिष्यों के साथ स्टेज शोस कर चुकी हैं .........आज उपस्थित हो रही हैं ब्लोगोत्सव-२०१० पर बस कुछ ही देर में अर्थात शाम ०५ बजे -
कार्यक्रम स्थल का पता है - http://utsav.parikalpnaa.com/
मैं तो जा रही हूँ इस कर्यक्रम में आप भी जाईयेगा जरूर

Wednesday, May 5, 2010

प्यार करना हो तो बिना किसी शर्त के, देना हो तो बिना किसी प्राप्य की उम्मीद के

आज दिनांक ०५.०५.२०१० को ब्लोगोत्सव -२०१० के अंतर्गत होने वाले समस्त कार्यक्रमों के लिंक-
ब्लोगोत्सव-२०१० : आज देखिये रश्मि प्रभा की आँखों से उत्सव के दृश्य
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_04.html

आकाश मेरी मुठ्ठी से निकल रहा है : रश्मि प्रभा
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3826.html

सीधी बात : अलवेला खत्री से
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_05.html

आज की लाइफ स्टाइल को देखकर लगता है भारत में अमेरिका उतर आया है : सरस्वती प्रसाद
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_294.html

आज पिज्जा एम्बुलेंस से फास्ट पहुंचता है घर :प्रीती मेहता
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_05.html

काजल कुमार के सात कार्टून्स
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6372.html


सुनिए सुप्रसिद्ध हास्य कवि श्री अरुण जेमनी की आवाज़ में उनकी हास्य रचनाएँ
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3756.html

सुनिए श्री आश करण अटल के स्वर में उनकी हास्य कविता : आशिक की पिटाई और कवियों की गबाही http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_1077.html

ललित शर्मा का व्यंग्य : यम के भैंसासुर का भंडाफ़ोड़--चित्रगुप्त ने लगाया जोड़तोड़
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_9225.html

बसंत आर्य की व्यंग्य कविता :आजादी की सुबह
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_896.html

अल्पना वर्मा की पांच कविताएँ
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_2267.html

डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर का आलेख : समाज संचालन में सामाजिक सरोकारों की भूमिका
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/0.html

झूठों के घर पंडित बाँचें, कथा सत्य भगवान की,जय बोलो बेईमान की !
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_1148.html

आज आपके पास.....विकल्प है..आज आप अपनी लाइफ स्टाइल बना सकते हैं.........
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_8332.html

लोग छोड़ जाते है रौनके, हम तो शून्य भी साथ ले जाते है !
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6009.html

प्यार करना हो तो बिना किसी शर्त के, देना हो तो बिना किसी प्राप्य की उम्मीद के : सुमन सिन्हा
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_9817.html

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Monday, May 3, 2010

समय की गतिशील धुरी पर परिकल्पना ने त्रिकाल दर्शन करवा दिए :सरस्वती प्रसाद

ब्लोगोत्सव-२०१० में आज :  नौवें दिन अर्थात दिनांक ०३.०५.२०१० के संपन्न कार्यक्रम का लिंक-


आज किसी भी संस्कृति की शुचिता की बात करना बेमानी ऒर ग़ॆरजरूरी हॆ...!
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post.html

साहित्य ऒर संस्कृति को हाशिए की ओर धकेलने की कोशिश की जा रही : दिविक रमेश
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post.html

साहित्य को पुरस्कृत करना मानवीय संवेदनाओं और अनुभूतियों की पहचान को दर्शाता है।
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_02.html

श्री राम शिव मूर्ति यादव का आलेख :साहित्य में पुरस्कारों की राजनीति
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_03.html

अपने रामपाल भइया भी,हाथी पर चढ़े मिलेंगे.......!"
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_03.html

विनोद कुमार पांडेय की कविता :राजनीति और फिल्मी सितारे
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_7777.html

दिये की लौ सा प्रकाशित ये अनोखा बंधन ........!
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3151.html

जंग-ए-आजादी में क्रांतिकारियों की भूमिका : अमित कुमार
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_4002.html

मैं लगभग बेसुध सा तत्क्षण उनके पास पहुंचने के लिए अधीर हो उठता हूं....!
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6497.html

अमिताभ श्रीवास्तव की कविता :पिताजी
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_2562.html

जिन्होंने सशस्त्र क्रान्ति द्वारा अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालकर स्वराज्य प्राप्ति का सपना देखा, वे कौन थे ?
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6959.html

जंग-ए-आजादी में क्रांतिकारियों की भूमिका : अमित कुमार
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_4002.html

समय की गतिशील धुरी पर परिकल्पना ने त्रिकाल दर्शन करवा दिए :सरस्वती प्रसाद
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_4579.html

दिगंबर नासवा की ग़ज़ल
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3748.html

श्री के० के० यादव का आलेख शाश्वत है भारतीय संस्कृति और इसकी विरासत
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_8647.html

हमें गर्व है हिंदी के इन प्रहरियों पर -2
http://shabd.parikalpnaa.com/2010/05/2.html

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Friday, April 30, 2010

जड़ से विच्छिन्न लेखन की आयु बहुत छोटी होती है

आज दिनांक 30.04.2010 को ब्लोगोत्सव-2010 के अंतर्गत प्रकाशित पोस्ट का लिंक

किसी उपनिषद की तरह है यह परिकल्पना :

इमरोज़ http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_9889.html

ब्लोगोत्सव-२०१० : बच्चे भी तो बेरौनक जगह जाना नही चाहते नाबhttp://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_8696.html

ब्लोगोत्सव-२०१० : ग्यारह बजे भी बिस्तर छोडे तो क्या फर्क पड़ जायेगा? http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_1961.html

ब्लोगोत्सव-२०१० : ये बेचारा हृदय की जन्मजात् बीमारी की वज़ह से नीला पड़ चुका है http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_1707.html

ब्लोगोत्सव-२०१० : क्या वह भौतिक पदार्थों के मोह से ऊपर उठ चुका है ? http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_30.html

ब्लोगोत्सव-२०१० : आपको इंतज़ार था, लीजिये आ गए .........! http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_7519.html

ब्लोगोत्सव-२०१० : आज का दिन कुछ ख़ास है http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_29.html

जड़ से विच्छिन्न लेखन की आयु बहुत छोटी होती है : श्री कृष्ण बिहारी मिश्रhttp://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_30.html

श्रीमती सरस्वती प्रसाद की कहानी : मूढीवाला http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_785.html

निर्मला कपिला जी की कहानी : सच्ची साधना http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_8754.html

श्री रवि रतलामी की कहानी :आशा ही जीवन है http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_6375.html

रश्मि रविजा की कहानी : http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_2218.html

शमा की कहानी : नीले पीले फूल http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_8613.html

विज्ञान कथा : वेदों में वर्णित सोम की नई दावेदारी : ‘यार सा गुम्बा’ http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_7958.html

हमें गर्व है हिंदी के इन प्रहरियों पर -1 http://shabd.parikalpnaa.com/2010/04/1.html

Wednesday, April 28, 2010

ब्लोगोत्सव-२०१० के अंतर्गत सातवें दिन प्रकाशित पोस्ट........


...आज दिनांक २८.०४.२०१० को परिकल्पना ब्लोगोत्सव-२०१०



Monday, April 26, 2010

चिट्ठाकारिता ने हमें एक नया सामाजिक आस्वादन दिया है




 दिनांक :  २६ .०४.२०१० को "ब्लोगोत्सव-२०१०" के


अंतर्गत आज छठे दिन प्रकाशित पोस्ट का लिंक :



ब्लोगोत्सव-२०१० : हम व्यस्क कब होंगे ?

हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग की ताकत को कम करके आंकना बिल्‍कुल ठीक नहीं है:अविनाश वाचस्पति

चिट्ठाकारिता ने हमें एक नया सामाजिक आस्वादन दिया है

अपनी बात : हिन्दी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर


आईये हिंदी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर एक नजर डालते हैं..

मानवीय सर्जना का नवोन्मेष है यह.....गिरीश पंकज

हम लेकर आये हैं आज निर्मला जी की कुछ और गज़लें

ब्लोगोत्सव-२०१० : नीरज गोस्वामी,गौतम राजरिशी और अर्श की गज़लें

निर्मला कपिला की तीन गज़लें

गौतम राजरिशी की दो गज़लें

नीरज गोस्वामी की दो ग़ज़लें

अर्श की तीन गज़लें

ब्लोगोत्सव-२०१०: श्रेष्ठ पोस्ट और बच्चों का कोना

बच्चों का कोना : शुभम सचदेव की तीन बाल-कहानियां

ब्लोगोत्सव-२०१० : आज का कार्यक्रम उत्सवी स्वर के साथ संपन्न

रश्मि प्रभा के उत्सवी स्वर

बुद्धिजीवी होना भी एक चस्का : डा० अरविन्द मिश्र

चिट्ठाकारिता ने हमें एक नया सामाजिक आस्वादन दिया है




 दिनांक :  २६ .०४.२०१० को "ब्लोगोत्सव-२०१०" के


अंतर्गत आज छठे दिन प्रकाशित पोस्ट का लिंक :



ब्लोगोत्सव-२०१० : हम व्यस्क कब होंगे ?

हिन्‍दी ब्‍लॉगिंग की ताकत को कम करके आंकना बिल्‍कुल ठीक नहीं है:अविनाश वाचस्पति

चिट्ठाकारिता ने हमें एक नया सामाजिक आस्वादन दिया है

अपनी बात : हिन्दी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर


आईये हिंदी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर एक नजर डालते हैं..

मानवीय सर्जना का नवोन्मेष है यह.....गिरीश पंकज

हम लेकर आये हैं आज निर्मला जी की कुछ और गज़लें

ब्लोगोत्सव-२०१० : नीरज गोस्वामी,गौतम राजरिशी और अर्श की गज़लें

निर्मला कपिला की तीन गज़लें

गौतम राजरिशी की दो गज़लें

नीरज गोस्वामी की दो ग़ज़लें

अर्श की तीन गज़लें

ब्लोगोत्सव-२०१०: श्रेष्ठ पोस्ट और बच्चों का कोना

बच्चों का कोना : शुभम सचदेव की तीन बाल-कहानियां

ब्लोगोत्सव-२०१० : आज का कार्यक्रम उत्सवी स्वर के साथ संपन्न

रश्मि प्रभा के उत्सवी स्वर

बुद्धिजीवी होना भी एक चस्का : डा० अरविन्द मिश्र