परिकल्पना ब्लोगोत्सव-२०१० के सूत्रधार श्री रवींद्र प्रभात जी ने बताया है , कि " ....मात्र दस दिनों में १६२ पोस्ट .....१०० से अधिक रचनाकार ....५० से ज्यादा महिला चिट्ठाकारों की उपस्थिति....देश के प्रत्येक क्षेत्र के १७ शलाका पुरुषों/ महिलाओं से साक्षात्कार, लगभग १००० प्रतिक्रियाएं और मेल से प्राप्त ढेरों शुभकामनाएं इसकी सफलता की कहानी कह रही है ....साथ ही प्रत्येक दिन २०० के औसत से ट्रैफिक का आना भारत, अमेरिका, यूरोप, रूस, कनाडा, सिंगापुर, थाईलैंड आदि से .....है न एक बड़ी उपलब्धि हिंदी ब्लोगिंग के लिए ?"
Friday, May 7, 2010
बस थोड़ी ही देर में ब्लॉग पर मालविका लाईव
परिकल्पना ब्लोगोत्सव-२०१० के सूत्रधार श्री रवींद्र प्रभात जी ने बताया है , कि " ....मात्र दस दिनों में १६२ पोस्ट .....१०० से अधिक रचनाकार ....५० से ज्यादा महिला चिट्ठाकारों की उपस्थिति....देश के प्रत्येक क्षेत्र के १७ शलाका पुरुषों/ महिलाओं से साक्षात्कार, लगभग १००० प्रतिक्रियाएं और मेल से प्राप्त ढेरों शुभकामनाएं इसकी सफलता की कहानी कह रही है ....साथ ही प्रत्येक दिन २०० के औसत से ट्रैफिक का आना भारत, अमेरिका, यूरोप, रूस, कनाडा, सिंगापुर, थाईलैंड आदि से .....है न एक बड़ी उपलब्धि हिंदी ब्लोगिंग के लिए ?"
Wednesday, May 5, 2010
प्यार करना हो तो बिना किसी शर्त के, देना हो तो बिना किसी प्राप्य की उम्मीद के
ब्लोगोत्सव-२०१० : आज देखिये रश्मि प्रभा की आँखों से उत्सव के दृश्य
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_04.html
आकाश मेरी मुठ्ठी से निकल रहा है : रश्मि प्रभा
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3826.html
सीधी बात : अलवेला खत्री से
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_05.html
आज की लाइफ स्टाइल को देखकर लगता है भारत में अमेरिका उतर आया है : सरस्वती प्रसाद
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_294.html
आज पिज्जा एम्बुलेंस से फास्ट पहुंचता है घर :प्रीती मेहता
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_05.html
काजल कुमार के सात कार्टून्स
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6372.html
सुनिए सुप्रसिद्ध हास्य कवि श्री अरुण जेमनी की आवाज़ में उनकी हास्य रचनाएँ
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3756.html
सुनिए श्री आश करण अटल के स्वर में उनकी हास्य कविता : आशिक की पिटाई और कवियों की गबाही http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_1077.html
ललित शर्मा का व्यंग्य : यम के भैंसासुर का भंडाफ़ोड़--चित्रगुप्त ने लगाया जोड़तोड़
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_9225.html
बसंत आर्य की व्यंग्य कविता :आजादी की सुबह
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_896.html
अल्पना वर्मा की पांच कविताएँ
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_2267.html
डॉ0 कुमारेन्द्र सिंह सेंगर का आलेख : समाज संचालन में सामाजिक सरोकारों की भूमिका
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/0.html
झूठों के घर पंडित बाँचें, कथा सत्य भगवान की,जय बोलो बेईमान की !
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_1148.html
आज आपके पास.....विकल्प है..आज आप अपनी लाइफ स्टाइल बना सकते हैं.........
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_8332.html
लोग छोड़ जाते है रौनके, हम तो शून्य भी साथ ले जाते है !
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6009.html
प्यार करना हो तो बिना किसी शर्त के, देना हो तो बिना किसी प्राप्य की उम्मीद के : सुमन सिन्हा
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_9817.html
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Monday, May 3, 2010
समय की गतिशील धुरी पर परिकल्पना ने त्रिकाल दर्शन करवा दिए :सरस्वती प्रसाद
आज किसी भी संस्कृति की शुचिता की बात करना बेमानी ऒर ग़ॆरजरूरी हॆ...!
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post.html
साहित्य ऒर संस्कृति को हाशिए की ओर धकेलने की कोशिश की जा रही : दिविक रमेश
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post.html
साहित्य को पुरस्कृत करना मानवीय संवेदनाओं और अनुभूतियों की पहचान को दर्शाता है।
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_02.html
श्री राम शिव मूर्ति यादव का आलेख :साहित्य में पुरस्कारों की राजनीति
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_03.html
अपने रामपाल भइया भी,हाथी पर चढ़े मिलेंगे.......!"
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_03.html
विनोद कुमार पांडेय की कविता :राजनीति और फिल्मी सितारे
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_7777.html
दिये की लौ सा प्रकाशित ये अनोखा बंधन ........!
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3151.html
जंग-ए-आजादी में क्रांतिकारियों की भूमिका : अमित कुमार
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_4002.html
मैं लगभग बेसुध सा तत्क्षण उनके पास पहुंचने के लिए अधीर हो उठता हूं....!
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6497.html
अमिताभ श्रीवास्तव की कविता :पिताजी
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_2562.html
जिन्होंने सशस्त्र क्रान्ति द्वारा अंग्रेजों को भारत से बाहर निकालकर स्वराज्य प्राप्ति का सपना देखा, वे कौन थे ?
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_6959.html
जंग-ए-आजादी में क्रांतिकारियों की भूमिका : अमित कुमार
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_4002.html
समय की गतिशील धुरी पर परिकल्पना ने त्रिकाल दर्शन करवा दिए :सरस्वती प्रसाद
http://www.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_4579.html
दिगंबर नासवा की ग़ज़ल
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_3748.html
श्री के० के० यादव का आलेख शाश्वत है भारतीय संस्कृति और इसकी विरासत
http://utsav.parikalpnaa.com/2010/05/blog-post_8647.html
हमें गर्व है हिंदी के इन प्रहरियों पर -2
http://shabd.parikalpnaa.com/2010/05/2.html
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Friday, April 30, 2010
जड़ से विच्छिन्न लेखन की आयु बहुत छोटी होती है
आज दिनांक 30.04.2010 को ब्लोगोत्सव-2010 के अंतर्गत प्रकाशित पोस्ट का लिंक
किसी उपनिषद की तरह है यह परिकल्पना :
इमरोज़ http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_9889.html
ब्लोगोत्सव-२०१० : बच्चे भी तो बेरौनक जगह जाना नही चाहते नाबhttp://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_8696.html
ब्लोगोत्सव-२०१० : ग्यारह बजे भी बिस्तर छोडे तो क्या फर्क पड़ जायेगा? http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_1961.html
ब्लोगोत्सव-२०१० : ये बेचारा हृदय की जन्मजात् बीमारी की वज़ह से नीला पड़ चुका है http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_1707.html
ब्लोगोत्सव-२०१० : क्या वह भौतिक पदार्थों के मोह से ऊपर उठ चुका है ? http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_30.html
ब्लोगोत्सव-२०१० : आपको इंतज़ार था, लीजिये आ गए .........! http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_7519.html
ब्लोगोत्सव-२०१० : आज का दिन कुछ ख़ास है http://www.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_29.html
जड़ से विच्छिन्न लेखन की आयु बहुत छोटी होती है : श्री कृष्ण बिहारी मिश्रhttp://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_30.html
श्रीमती सरस्वती प्रसाद की कहानी : मूढीवाला http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_785.html
निर्मला कपिला जी की कहानी : सच्ची साधना http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_8754.html
श्री रवि रतलामी की कहानी :आशा ही जीवन है http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_6375.html
रश्मि रविजा की कहानी : http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_2218.html
शमा की कहानी : नीले पीले फूल http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_8613.html
विज्ञान कथा : वेदों में वर्णित सोम की नई दावेदारी : ‘यार सा गुम्बा’ http://utsav.parikalpnaa.com/2010/04/blog-post_7958.html
हमें गर्व है हिंदी के इन प्रहरियों पर -1 http://shabd.parikalpnaa.com/2010/04/1.html
Wednesday, April 28, 2010
ब्लोगोत्सव-२०१० के अंतर्गत सातवें दिन प्रकाशित पोस्ट........
...आज दिनांक २८.०४.२०१० को परिकल्पना ब्लोगोत्सव-२०१०
ब्लोगोत्सव-२०१० : ऑनलाइन विश्व की आजाद अभिव्यक्ति है
हिंदी ब्लोगिंग के संवंध में क्या कहते है बालेन्दु शर्मा दाधीच
ब्लोगोत्सव-२०१० :दर्पण का कार्य तो वस्तु का बिम्ब प्रदर्शित करना है
संजीव वर्मा 'सलिल' के तीन गीत
ब्लोगोत्सव में आज श्रेष्ठ पोस्ट के अंतर्गत माँ की डिग्रियां और शारदा अरोरा की कविता
शारदा अरोरा की कविता :इश्क वफ़ा की सीढियाँ चढ़ कर
ब्लोगोत्सव-२०१० : बहुत कठिन है डगर पनघट की
युनिकोड एक ऐसी कोडिंग प्रणाली, जिसमें विश्व की सभी जीवंत भाषाएँ समाहित हें
भगत सिंह की याद में, उनकी शहादत के 75 वर्ष पूरे होने पार
Monday, April 26, 2010
चिट्ठाकारिता ने हमें एक नया सामाजिक आस्वादन दिया है
दिनांक : २६ .०४.२०१० को "ब्लोगोत्सव-२०१०" के
अंतर्गत आज छठे दिन प्रकाशित पोस्ट का लिंक :
ब्लोगोत्सव-२०१० : हम व्यस्क कब होंगे ?
हिन्दी ब्लॉगिंग की ताकत को कम करके आंकना बिल्कुल ठीक नहीं है:अविनाश वाचस्पति
चिट्ठाकारिता ने हमें एक नया सामाजिक आस्वादन दिया है
अपनी बात : हिन्दी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर
आईये हिंदी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर एक नजर डालते हैं..
मानवीय सर्जना का नवोन्मेष है यह.....गिरीश पंकज
हम लेकर आये हैं आज निर्मला जी की कुछ और गज़लें
ब्लोगोत्सव-२०१० : नीरज गोस्वामी,गौतम राजरिशी और अर्श की गज़लें
निर्मला कपिला की तीन गज़लें
गौतम राजरिशी की दो गज़लें
नीरज गोस्वामी की दो ग़ज़लें
अर्श की तीन गज़लें
ब्लोगोत्सव-२०१०: श्रेष्ठ पोस्ट और बच्चों का कोना
बच्चों का कोना : शुभम सचदेव की तीन बाल-कहानियां
ब्लोगोत्सव-२०१० : आज का कार्यक्रम उत्सवी स्वर के साथ संपन्न
रश्मि प्रभा के उत्सवी स्वर
बुद्धिजीवी होना भी एक चस्का : डा० अरविन्द मिश्र
चिट्ठाकारिता ने हमें एक नया सामाजिक आस्वादन दिया है
दिनांक : २६ .०४.२०१० को "ब्लोगोत्सव-२०१०" के
अंतर्गत आज छठे दिन प्रकाशित पोस्ट का लिंक :
ब्लोगोत्सव-२०१० : हम व्यस्क कब होंगे ?
हिन्दी ब्लॉगिंग की ताकत को कम करके आंकना बिल्कुल ठीक नहीं है:अविनाश वाचस्पति
चिट्ठाकारिता ने हमें एक नया सामाजिक आस्वादन दिया है
अपनी बात : हिन्दी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर
आईये हिंदी ग़ज़ल की विकास यात्रा पर एक नजर डालते हैं..
मानवीय सर्जना का नवोन्मेष है यह.....गिरीश पंकज
हम लेकर आये हैं आज निर्मला जी की कुछ और गज़लें
ब्लोगोत्सव-२०१० : नीरज गोस्वामी,गौतम राजरिशी और अर्श की गज़लें
निर्मला कपिला की तीन गज़लें
गौतम राजरिशी की दो गज़लें
नीरज गोस्वामी की दो ग़ज़लें
अर्श की तीन गज़लें
ब्लोगोत्सव-२०१०: श्रेष्ठ पोस्ट और बच्चों का कोना
बच्चों का कोना : शुभम सचदेव की तीन बाल-कहानियां
ब्लोगोत्सव-२०१० : आज का कार्यक्रम उत्सवी स्वर के साथ संपन्न
रश्मि प्रभा के उत्सवी स्वर
बुद्धिजीवी होना भी एक चस्का : डा० अरविन्द मिश्र


